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सदमे में आई मां ने इशारों से बताई पहचान, पुलिस ने कराया परिवार का मिलान

SHIDDHANT
14 Nov 2025 9:40 PM IST
सदमे में आई मां ने इशारों से बताई पहचान, पुलिस ने कराया परिवार का मिलान
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तीन दिन बाद परिवार मिला
Ghaziabad गाजियाबाद: राजधानी दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के इंदिरापुरम इलाके से एक दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां एक महिला अपने जवान बेटे की मौत के गहरे सदमे में पिछले तीन दिनों से सड़कों पर भटकती मिली। महिला 12 नवंबर को अचानक घर से बाहर निकली थी और तब से इंदिरापुरम की सड़कों पर अकेली घूम रही थी। स्थानीय लोगों ने महिला को गाड़ियों के बीच खतरनाक तरीके से घूमते देखा और तुरंत डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने महिला को सुरक्षित थाने लाया। महिला बोल नहीं पा रही थी और केवल अपने नाम का ही उल्लेख कर पा रही थी, बाकी बातें इशारों के जरिए समझाने की कोशिश कर रही थी।

पुलिस ने महिला के इशारों को सुराग मानकर उसकी खोजबीन शुरू की। पहले उन्हें दिल्ली के गाजीपुर ले जाया गया, लेकिन वहां सफलता नहीं मिली। वापस लौटते समय, महिला ने बार-बार कुछ इशारे किए। पुलिस ने इन इशारों को समझते हुए उसे भोपुरा ले जाकर आखिरकार उसके परिवार से मिलवाया। महिला के परिजनों ने बताया कि तीन दिन पहले ही उनके बेटे की मौत हुई थी। मां इस सदमे को सहन नहीं कर पाईं और उनका मानसिक संतुलन बिगड़ गया। बेटे की मौत के बाद उन्होंने कुछ घंटों तक घर पर उसका नाम पुकारते हुए बिताया और फिर अचानक गायब हो गईं। परिजनों ने बताया कि महिला की तलाश के दौरान उन्हें कोई सुराग नहीं मिला और पुलिस के सहयोग के बाद ही उन्हें मां से मिलवाया जा सका।

गाजियाबाद पुलिस के एसीपी ने कहा कि महिला को उसके परिवार से मिलाने के लिए पुलिस टीम लगातार सात घंटे तक तलाश में लगी रही। उन्होंने बताया कि पुलिस की तत्परता और संवेदनशीलता के कारण महिला सुरक्षित रूप से अपने परिवार से मिल सकीं। परिवार ने इस प्रयास के लिए पुलिस का विशेष आभार जताया। इस घटना ने न केवल एक लापता व्यक्ति को सुरक्षित परिवार के पास पहुंचाने का उदाहरण पेश किया, बल्कि पुलिस की संवेदनशील और सतर्क कार्रवाई के महत्व को भी उजागर किया। यह मामला दिखाता है कि भावनात्मक सदमे में भटक रहे व्यक्तियों की मदद में त्वरित और समझदारी से किए गए प्रयास कितने महत्वपूर्ण होते हैं।
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